6 माह में वसूले 51 करोड़, कैसे पूरा होगा लक्ष्य

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गुुरुग्राम (पंकज मोहन मिश्रा)। कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होने के बावजूद नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की प्रक्रिया अब भी बेहद धीमी है। स्थिति यह है कि पिछले 6 माह में नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स (हाउस टैक्स) के तौर पर महज 51 करोड़ रुपये की ही वसूली कर सका है। ऐसे में सवाल यह है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में निगम की तरफ से तय किए गए 4899 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य कैसे पूरा हो पाएगा।

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वह भी तब जब प्रॉपर्टी टैक्स निगम की आय का मुख्य स्रोत माना जाता है। हालांकि, सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी में ब्याज पर छूट की सीमा 30 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी है, लेकिन यह अवधि भी पूरा होने में 3 माह से भी कम का समय बाकी है। निगम के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2 फरवरी से 1 जुलाई के बीच प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर कुल 51, 16,51, 844 रुपये की वसूली की गई है। इसमें से जोन-3 से सबसे ज्यादा 18,42,44, 441 रुपये की धनराशि वसूली गई है। यह स्थिति तब है जब नगर निगम आयुक्त बैठकों में लगातार निगम की आय बढ़ाने के लिए अधिकारियों को उपयुक्त कदम उठाने के लिए निर्देशित करते रहे हैं।
कोरोना की बात कहकर बचते हैं अधिकारी
कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद से ही नगर निगम की संपत्ति कर वसूली की प्रक्रिया लचर चल रही है। नगर निगम की संपत्तिकर विभाग (मुख्यालय) के अधिकारी दिनेश कुमार से इस बारे में जब भी पूछा जाता है तो वह कोरोना संक्रमण की बात कहकर बात को टालने की कोशिश करते हैं। सच्चाई यह है कि निगम टैक्सेशन विभाग के अधिकारियों का रवैया इस मामले में हमेशा से ही लचर रहा है। पिछले साल फरवरी की शुरुआत तक निगम का 961 करोड़ से ज्यादा संपत्ति कर बकाया था जबकि उस वक्त तक सिर्फ 205 करोड़ की ही वसूली हो पाई थी।

15 मई के बाद वसूले 36 करोड़

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 7 मई से संक्रमण की दूसरी लहर का असर कम होने लगा था और इसके बाद ही प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की प्रक्रिया तेज हुई। आंकड़ों के मुताबिक 15 मई से 15 जुलाई के बीच 36 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की गई है। वहीं, विभागीय अधिकारी करदाताओं को सिर्फ नोटिस देने तक सीमित रह गए हैं। निगम के आंतरिक सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई में भी निगम के अधिकारी जमकर भेदभाव कर रहे हैं। दरअसल बड़े टैक्स डिफाल्टर कार्रवाई से बचने के लिए पहले ही अधिकारियों से संपर्क कर लेते हैं। उसके बाद अधिकारी भी कार्रवाई के प्रति लापरवाह हो जाते हैं।

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निगमायुक्त दे चुके हैं कार्रवाई के निर्देश :

नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार पहले ही अधिकारियों को बड़े टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दे चुके हैं लेकिन अधिकारी उसकी भी अनदेखी कर रहे हैं। जुलाई का एक पखवाड़ा बीत गया लेकिन अब तक निगम की तरफ से कितने टैक्स डिफाल्टरों पर कार्रवाई की गई है। इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। टैक्सेशन विभाग का पक्ष जानने व इस बारे में जब विभागीय अधिकारी दिनेश कुमार के पास कॉल किया गया तो उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया।

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पिछले वित्तीय वर्ष में 268 संपत्तियां सील

नगर निगम के वसूली अभियान के तहत पहले बकायेदारों को नोटिस दिया जाता है। अदायगी न होने पर सीवर व बिजली के कनेक्शन काटे जाते हैं। 5 लाख से ज्यादा के बकायेदारों की संपत्तियां सील भी की जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में जनवरी के अंत तक 268 संपत्तियों को सील किया गया था, जिनमें से 4 संपत्तियों को नीलाम भी किया गया था। सरकार 30 सितंबर तक प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी और छूट का लाभ दे रही है। इसके बावजूद जो प्रॉपर्टी मालिक टैक्स जमा नहीं कराते हैं, नगर निगम उनके सीवरेज और पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई करता है।

500 से ज्यादा को नोटिस जारी

हालांकि, बताया जा रहा है कि नगर निगम की तरफ से पिछले कुछ समय में करीब 500 से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए गए हैं लेकिन इनमें से कितनी वसूली हो पाएगी यह एक बड़ा सवाल है। वहीं, टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निगम अधिकारियों का रवैया हमेशा से सख्त नहीं रहा है।

जोनवार टैक्स वसूली का ब्योरा

जोन – वसूली गई धनराशि

1 – 53735282

2 – 131748474

3 – 184244441

4 – 141916942

कुल 511651844

Credit Source – https://www.amarujala.com/delhi-ncr/gurgaon/51-crore-recovered-in-6-months-how-the-target-will-be-met-gurgaon-news-noi594294015?utm_source=rssfeed&utm_medium=Referral&utm_campaign=rssfeed

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